केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं जिसका सीधा लाभ महिलाओं को मिलता है। ऐसी ही एक योजना-प्रधानमंत्री मातृ वंदना है। योजना के तहत मोदी सरकार कुछ शर्तों के साथ प्रेग्नेंट महिलाओं को 11 हजार रुपये तक का सहयोग देती है। आइए स्कीम के बारे में विस्तार से जान लेते हैं।

क्या है योजना
यह योजना महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित की जाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य मां और बच्चे के स्वास्थ्य एवं पोषण में सुधार करना है। साल 2017 से लागू योजना में लाभार्थी महिलाओं को आर्थिक मदद मिलती है। योजना के तहत डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खाते में सीधे रकम ट्रांसफर की जाती है।
कितने रुपये तक की मदद
केंद्र सरकार की ओर से गर्भवती महिला को पहली संतान के लिए 5,000 रुपये दी जाती है। यह राशि तीन किश्तों में दी जाती है। दूसरी बालिका के लिए 6,000 रुपये दिए जाते हैं। योजना के शुरुआत के बाद से 4.05 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को मातृत्व लाभ (कम से कम एक किस्त) प्राप्त हुआ है, जिसकी कुल राशि 19,028 करोड़ रुपये है। यह प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक या डाकघर खातों में वितरित की गयी है।
कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन
नामांकन के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट का लिंक https://pmmvy.wcd.gov.in/ है। जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोगों के लिए योजना के मोबाइल ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। यह ऐप मुख्य रूप से जमीनी स्तर पर काम करने वाले वर्कर्स के लिए है ताकि लाभार्थियों के नामांकन में आसानी हो और यह आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध है।
वैकल्पिक रूप से, पात्र महिलाएं https://web.umang.gov.in/ पर उमंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी सीधे नामांकन कर सकती हैं। यह प्लेटफॉर्म अन्य सरकारी योजनाओं के साथ-साथ प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सर्विस को सुलभ कराता है। आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज में मातृ एवं शिशु संरक्षण (एमसीपी) कार्ड और पात्रता प्रमाण (जैसे, बीपीएल कार्ड) शामिल हैं।







